Introduction to Sikhism

Guru Nanak Dev Ji

सत्य का प्रकाश

"सच्चाई सबसे बड़ा गुण है, लेकिन उससे भी ऊपर सच्चा जीवन है।" — गुरु नानक देव जी

सिख धर्म एक एकेश्वरवादी धर्म है जिसकी उत्पत्ति 15वीं शताब्दी के अंत में भारतीय उपमहाद्वीप के पंजाब क्षेत्र में हुई थी। यह दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा संगठित धर्म है, जिसके लगभग 3 करोड़ अनुयायी हैं जिन्हें सिख कहा जाता है। अपने मूल में, सिख धर्म समानता, सामाजिक न्याय, मानवता की सेवा और एक सार्वभौमिक ईश्वर के प्रति भक्ति की वकालत करता है।

1 उत्पत्ति और इतिहास

इस विश्वास की स्थापना गुरु नानक देव जी (1469-1539) ने की थी और इसे 239 वर्षों की अवधि में दस क्रमिक मानव गुरुओं द्वारा आकार दिया गया था। यह कठोर धार्मिक उत्पीड़न के समय में विकसित हुआ, स्वतंत्रता और सहिष्णुता के एक प्रकाश स्तंभ के रूप में खड़ा रहा।

दसवें गुरु, गुरु गोबिंद सिंह जी ने 1708 में मानव गुरुओं की परंपरा को समाप्त कर दिया, और सिख ग्रंथ, गुरु ग्रंथ साहिब को शाश्वत गुरुता प्रदान की। आज, सिख इस ग्रंथ को केवल एक पुस्तक के रूप में नहीं, बल्कि अपने जीवित, शाश्वत आध्यात्मिक मार्गदर्शक के रूप में मानते हैं।

प्रमुख ऐतिहासिक मील के पत्थर

  • 1469 गुरु नानक देव जी का जन्म और एक ईश्वर (इक ओंकार) का प्रकटीकरण।
  • 1604 गुरु अर्जन देव जी द्वारा आदि ग्रंथ का संकलन।
  • 1699 गुरु गोबिंद सिंह जी द्वारा खालसा पंथ की स्थापना।
  • 1708 गुरु ग्रंथ साहिब को शाश्वत गुरुता।
Last updated: 08 Jan 2026